The Definitive Guide to Dushman shanti
शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा।
जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.
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आदिनाथ कैलास निवासी, उदयनाथ काटे जम फांसी। सत्यनाथ सारणी संत भाखे, संतोषनाथ सदा संतन की राखे। कन्थडिऩाथ सदा सुख दायी, अचती अचम्भेनाथ सहायी।ज्ञान पारखी सिद्ध चौरंगी, मच्छेन्द्रनाथ दादा बहुरंगी।गोरखनाथ सकल घट व्यापी, काटे कलिमल तारे भव पीड़ा। नव नाथों के नाम सुमिरिये, तनिक भस्मि ले मस्तक धरिये। रोग शोक दारिद्र नशावे, निर्मल देह परम सुख पावे। भूत प्रेत भय भञ्जना, नव नाथों के नाम। सेवक सुमिरे चन्द्रनाथ, पूर्ण होय सब काम।
अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...
ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।
शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो ग्रहण काल का समय अशुभ माना जाता है और ग्रहण काल के समय भारत के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.
साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें।
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ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः
अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर इसका असर हमारे ऊपर कैसे पढ़ता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब सूर्य more info ग्रहण या चंद्र ग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव सीधा हमारी राशियों पर आता है.
तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.
काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।